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भारत में नयी कृषि क्रांति

 नैनो तरल यूरिया भारत की कृषि क्षेत्र तकनीक क्रांति। इफ्फको की नैनो यूरिया खोज कृषि क्षेत्र में उत्पादन क्षमता,जल प्रयोग में कमी,प्रदूषण कमी ,सबसिडी मैं कमी आदि मै परिवर्तन कारी सिद्ध होगी।  सूक्ष्म तरल कणौं के जरिये उच्च surface to mass ratio व फसल को पोषक तत्वों का नियंत्रित वितरण सुनिशचत हो जायेगा। जिससे यूरिया के अतिरिक्त प्रयोग से भूमि क्षरण रोकना, भूमि स्वास्थ्य क्षमता बढाना, जलप्रयोग घटाना, संसाधन बरबादी घटा कर कृषि लागत कम करना संभव होगा।👌 वर्तमान मैं 3करोड़ टन यूरिया खपत है। किसान द्वारा प्रति एकड़ दो बोरी यूरिया डाली जाती है। अनुसंधानकर्ताओं ने देखा है कि 500ml नैनो तरल यूरिया से 1बोरी की जरूरत पूरा कर सकते हैं जिससे 50% यूरिया  जरूरत घटाई जा सकती है। इसका मूल्य भी रू240 प्रति 500 ml( बिना सब्सिडी होगा( जो कि 10-15% कम होगा।  अभी सरकार सालाना 15000 प्रति टन  सबसिडी यूरिया मद में  देती है जिस पर खर्च  को नैनो तरल यूरिया  उपयोग से 22500 करोड कम किया जा सकेगा । यानी 28% खाद सब्सिडी बजट में  कमी जो कि अगले वर्ष में  79530 करोड की ...

कोरोना काल में चरित्र

कोरोना 2 ने सिद्ध कर दिया कि मैकाले शिक्षा प्राप्त हम लोग (जो कर्तव्य छोड बस अधिकार की बात ही करते हैं) 74 साल बाद भी भारत के नागरिक नहीं बल्कि  गिरोह हैं  उठाईगीरौं,कालाबाजारी,जमाखोरों,लुटेरों, हृदयहीनौ, रक्तपिपासु,उत्पीडकौं हत्यारों के, जो मानवीय आपदा और यंत्रणा को मौका समझ इंतजार करते हैं, सत्ता पाने का पैसा कमाने का प्रभाव बढाने का  दूसरे को नीचा दिखा खुश होने का नागरिक हितैषी  सरकारी सलाह न मानने का उत्पात मचाने का  लोगौं को भ्रमित कर उनकी जिंदगी से खेलने का और इसके लिये इन गिरोहौं को  जीवन रक्षक दवाऔ, आक्सीजन, अस्पताल बैड की कालाबाजारी , नकली दवा बेचने, टीका लेने से डराने,आवशयक चीज़ों की चोरबजारी, एम्बुलेंस व अस्पताल किराया लूट आदि कितने  ही राक्षसी कामौं से परहेज नहीं था। यह सब हत्यारे और मौतों के व्यापारी हैं और इनके  कामों में  इनके  परिवार  बराबर के साझीदार हैं ।    संदेश साफ है सरकार  के लिये,   जो सलाह मनुहार प्रेम से नागरिक  बनने और कर्तव्य निभाने को तैयार  नहीं  उन लोगौं  और...

Hinduism An ancient way of life

Hinduism, a way of life India or Bharat is the place where the Human race learned the art of existence with nature.  People of Bharat have analyzed & understood the symbiotic relationship with nature & other living beings. For doing it they have resorted to the human instinct of questioning, reasoning, fact-finding & solution-seeking. In this journey which started thousands of years ago, they have created a treasure trove of knowledge in respect of the evolution of human beings, the purpose of human existence, connection with the supernatural power, ethical way of living, metaphysics, etc.  The traces of the treasure of knowledge can be seen in one of the oldest religious text of humanity The Rigved (before 1700 BC) followed by the three other Vedas ( Samveda Yajurveda, Atherveda). The people of Bharat that is India have beautifully connected their Trinity Deities Brahma Vishnu & Mahesh with the aspects of all form of  life ie  Creator, Nurturer...